तरुण के परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस के पास जाएं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हिंसा में मारे गए 27 वर्षीय तरुण के परिवार की सुरक्षा से जुड़े मसले को पुलिस आयुक्त के समक्ष रखने के लिए कहा है।भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह मामला मुख्य रूप से सुरक्षा और प्रशासन से जुड़ा है, जिसे दिल्ली पुलिस देख सकती है।
याचिकाकर्ता पुलिस आयुक्त को विस्तृत आवेदन दें। पुलिस परिवार की सुरक्षा को लेकर खतरे का आकलन करेगी और जरूरी कदम उठाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर शिकायतों का समाधान नहीं होता है, तो याचिकाकर्ता हाईकोर्ट जा सकते हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से मामले की जांच की मांग की गई। लेकिन कोर्ट ने इस मामले में इस पर विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हर मामले में सीबीआई जांच जरूरी नहीं होती और पुलिस पहले से जांच कर रही है।
यौन उत्पीड़न मामले में निष्कासित कांग्रेस विधायक राहुल ममकुटाथिल की अग्रिम जमानत बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकुट्टाथिल को दी गई अग्रिम जमानत को बरकरार रखा है। उन पर दुष्कर्म और जबरन गर्भपात कराने का आरोप है।जस्टिस एमएम सुंदरेश व जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने पीड़िता की याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में राहुल को जमानत देने वाले केरल हाईकोर्ट के 12 फरवरी के आदेश को चुनौती दी गई थी। पीठ ने कहा, हालांकि हम हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन याचिकाकर्ता के संबंध में की गई टिप्पणियां आवश्यक नहीं हैं। इसलिए, उन्हें हटाया जाता है। पीड़िता के वकील ने कहा कि सहमति से बने रिश्ते के संबंध में हाईकोर्ट की टिप्पणियां मुकदमे को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकती हैं।