सुप्रीम कोर्ट में अब शनिवार को भी मुकदमों की सुनवाई होगी। लंबित मामलों के बोझ से निपटने के लिए चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने यह नई पहल की है। इसकी शुरुआत 23 अप्रैल से होगी। यह पहली बार है, जब शीर्ष अदालत शनिवार को भी काम करेगी। सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल 60 हजार से अधिक मामले लंबित हैं।
उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किए गए नोटिस के मुताबिक 23 तारीख को उत्तर पूर्व राज्यों में उग्रवाद के खिलाफ हुई सेना की कार्रवाई से संबंधित मामले की सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ सुनवाई करेगी। एक ओर सेना की दलील है कि इस तरह के हालात पर जवानों के खिलाफ हत्या का मुकदमा नहीं चल सकता। वहीं पीड़ित पक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की राय विपरीत है। कई दिनों तक सुनवाई के बावजूद अब भी इस केस में दलीलें पूरी नहीं हो सकी हैं। कार्य दिवस पर संविधान पीठ या अन्य विशेष पीठ के कारण न्यायमूर्ति लोकुर और न्यायमूर्ति ललित की पीठ का गठन संभव नहीं हो पा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए इस मामले की सुनवाई शनिवार को भी करने का निर्णय लिया गया है।
मालूम हो कि पिछले दिनों दिल्ली में वायु प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा था कि हम इस मामले में शनिवार को सुनवाई कर सकते हैं। इसके अलावा हमारे पास और कोई समय नहीं है। उन्होंने तभी इशारा किया था कि सुप्रीम कोर्ट शनिवार को भी काम करेगा।