आपराधिक मामलों का सामना कर रहे सांसदों और विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 9 अगस्त (आज) से सुनवाई शुरू करेगा। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की पीठ इस मुद्दे पर आज से सुनवाई शुरू करेगी। याचिका में सवाल उठाया गया है कि आपराधिक मामले के किस स्तर पर सांसदों, विधायकों को अयोग्य ठहराया जा सकता है। तीन न्यायाधीशों की पीठ ने आठ मार्च 2016 को यह मामला पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ के पास भेज दिया था।
आपको बता दें कि बीते 12 मार्च 2018 को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिये हलफनामे में यह जानकारी दी थी कि 1700 से ज्यादा सांसद और विधायक इस वक्त करीब तीन हजार से ज्यादा आपराधिक मुकदमों में अलग-अलग अदालतों में ट्रायल का सामना कर रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश के पास मुद्दे को भेजते समय कोर्ट ने कहा था कि बड़ी पीठ ही इस सवाल 'क्या आपराधिक मामले की सुनवाई का सामना कर रहे सांसद और विधायक को मामले में दोषी ठहराए जाने या आरोप तय होने के समय अयोग्य करार दिया जा सकता है?' का समाधान निकाल सकती है। यह याचिका एनजीओ पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन ने दायर की है।