सुप्रीम कोर्ट ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में अवैध खोदाई और निर्माण के खिलाफ दाखिल अर्जी पर सुनवाई के लिए सोमवार को तैयार हो गया। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने मामले को मंगलवार के लिए सूचीबद्ध किया है। पीठ ने साथ ही न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार और सरकारी वकील को भी इस संबंध में नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। याचिका में दावा किया गया है कि राज्य की एजेंसियां प्राचीन स्मारकों और पुरातत्व स्थलों और अवशेष अधिनियम, 1958 की धारा 20ए का उल्लंघन कर रही हैं। इसमें आरोप लगाया गया कि ओडिशा सरकार वहां गैरकानूनी निर्माण करा रही है जिससे इस प्राचीन मंदिर के ढांचे को गंभीर खतरा है।
धूम्रपान की उम्र बढ़ाने व खुली बिक्री पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
देश में धूम्रपान करने की आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 21 करने और खुली सिगरेट की बिक्री पर रोक लगाने की मांग वाली एक जनहित याचिका सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई। याचिका में वाणिज्यिक स्थानों और हवाई अड्डों से स्मोकिंग जोन हटाने की भी मांग की गई। इसके अलावा, शिक्षण संस्थानों, मंदिरों व अस्पतालों के आसपास सिगरेट की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई। वकील शुभम अवस्थी और सप्तऋषि मिश्रा ने याचिका में सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान का जुर्माना बढाने और स्मोकिंग जोन में हवा के फिलटरेशन को लेकर दिशा निर्देश बनाने का निर्देश देने की भी मांग की गई।
अवकाश पीठ के मामलों में अदालत में पेश होकर दलील दें वकील: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अवकाश पीठ के समक्ष सुनवाई में वर्चुअल मोड पर दलीलें देने वाले वकीलों से कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया। जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बीवी नागरत्ना की अवकाश पीठ ने ऑनलाइन पैरवी कर रहे कुछ वकीलों की सुनवाई भी स्थगित कर दी। पीठ ने कहा, जब जज अदालत आ सकते हैं तो वकील क्यों नहीं। जज रोज यहां आते हैं तो बेहतर होगा कि वकील भी अदालत में मौजूद रहकर दलीलें पेश करें। पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की मामले की तत्काल सुनवाई की मांग को भी स्थगित कर दिया। रोहतगी ऑनलाइन कोर्ट में पेश हुए थे। पीठ ने कहा, आप कोर्ट नहीं आ सकते तो हम आपकी बात क्यों सुनें, अन्य वकील भी तो अवकाश के दौरान आ रहे हैं। इस पर रोहतगी ने मामले को एक दिन के लिए स्थगित करने की अपील की और वादा किया कि मंगलवार को वह अदालत आएंगे।