जस्टिस मिश्रा के अतिरिक्त जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीआर गावई की मौजूदगी वाली पीठ की टिप्पणी के कारण सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। पीठ ने कहा कि हम देश को बहुत कुछ कहना चाहते हैं, लेकिन हम कहेंगे नहीं, क्योंकि केस को वापस ले लिया गया है।
इस पर सिब्बल ने कहा कि वह भी कुछ कहना चाहते हैं, लेकिन वह भी नहीं कहेंगे। सिब्बल ने पीठ की तरफ से की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल निचली अदालत में मुुकदमे का सामना करना चाहते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अपने आदेश में की गई ऐसी टिप्पणियां उनके मामले को ट्रायल के दौरान प्रभावित कर सकती हैं। इस पर पीठ ने अपने आदेश में कहा कि सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियों से ट्रायल के दौरान मामला प्रभावित नहीं होगा।