विमानों में संक्रमण को दूर करने के लिए यात्रियों की मौजूदगी में स्प्रे करने के कारण स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने छह सदस्यीय विशेषज्ञों की कमेटी बनाई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने यात्रियों की मौजूदगी में विमानों में स्प्रे करने पर पाबंदी लगा रखी है।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया कि इसको लेकर विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है। सरकार ने कहा कि इसके लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाने की जरूरत है। कमेटी दो महीने के भीतर अपना रिपोर्ट सौंपेगी।
पीठ ने कहा कि एक तरफ जहां विमानों को संक्रमण से दूर रखना जरूरी है और इसके लिए कदम उठाने की जरूरत है। दूसरी तरफ, स्प्रे के छिड़काव से यात्रियों व क्रू मेंबर के स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव है। पीठ ने कहा कि इस मसले पर कमेटी गौर करेगी।
छह सदस्यीय कमेटी में प्रोफेसर एपी दास, डॉ. पी जम्बूलिंगम, डॉ. एके सिंह, डॉ. बी नागपाल, डॉ. आशुतोष बिश्वास और सेंट्रल इंस्सेक्टिसाइड बोर्ड एंड रजिस्ट्रेशन कमेटी का एक प्रतिनिधि होगा। सुप्रीम कोर्ट की पीठ इंडिगो एयरलाइंस द्वारा एनजीटी के आदेश और नागरिक विमानन निदेशालय के निर्देशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है।