मध्यप्रदेश प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट(एमपीपीईटी) में कथित तौर पर अनियमितता व भ्रष्टाचार केलगे आरोपों की सीबीआई जांच कराने की गुहार संबंधी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया है। व्यापमं बोर्ड द्वारा इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है।
न्यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने प्रो. आनंद राय द्वारा दायर यह याचिका मेरिट का अभाव बताते हुए खारिज कर दी। याचिका में व्यापमं द्वारा आयोजित एमबीबीएस कोर्स के दाखिले में अनियमितता की जांच की तर्ज पर एमपीपीईटी की जांच कराने की गुहार की गई थी।
पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण से कहा कि अगर याचिका में कुछ भी होता है तो हम जरूर कुछ करते हैं लेकिन इस याचिका में मेरिट का अभाव है। भूषण का कहना था कि एमपीपीईटी के उत्तरपत्र(ओएमआर) में छेड़छाड़ की गई। अलग-अलग पेन का इस्तेमाल किया गया। इस पर पीठ ने कहा कि नियम केमुताबिक, दो पेन के इस्तेमाल की इजाजत है।