सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी-यूजी) में उर्दू को शामिल नहीं किए जाने को लेकर स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (आईएसओ) की ओर तरफ से डाली गई याचिका पर सुनवाई करने के मना कर दिया है।
गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आगामी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) में उर्दू को बाहर कर दिया है। अब सरकारी और निजी कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस जैसे मेडिकल की परीक्षा उर्दू में नहीं होंगे। हालांकि साल 2013 में कोर्ट ने इसको परीक्षा में शामिल करने को कहा था।
स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया का कहना है कि सरकार का यह फैसला असंवैधानिक और उर्दू माध्यम के छात्रों के साथ भेदभाव करने वाला है। इसी को लेकर आईएसओ सुप्रीम कोर्ट गया था लेकिन इस पर सुनवाई करने से बृहस्पतिवार को मना कर दिया।