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देश के अगले मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

Wed, 26 Sep 2018 02:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देश के अगले मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। मौजूदा मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा, 'हमारा मानना है कि इस मामले में इस समय हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह याचिका विचार योग्य नहीं है।

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वकील आरपी लुथरा और सत्यवीर शर्मा ने देश के अगले मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस रंजन गोगोई की नियुक्ति को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने अपनी याचिका में शीर्ष अदालत के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर (अब सेवानिवृत्त), न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की 12 जनवरी की प्रेस कांफ्रेंस को अपना आधार बनाया था। 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के 46वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के तौर पर जस्टिस रंजन गोगोई की नियुक्ति हो चुकी है। वह वर्तमान मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की सेवानिवृत्ति के अगले दिन 3 अक्टूबर को शपथ ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही वह पूर्वोत्तर भारत से इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले जज बन जाएंगे। बतौर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई का कार्यकाल नवंबर 2019 तक रहेगा। 
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18 नवंबर 1954 को जन्मे जस्टिस गोगोई ने 24 साल की उम्र में वकालत शुरू कर दी थी। वह 28 फरवरी, 2001 को गुवाहाटी हाईकोर्ट में स्थायी जज बने थे। इसके बाद वह 9 सितंबर 2010 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज बने और फिर 12 फरवरी, 2011 को मुख्य न्यायाधीश बना दिए गए। उसके बाद वर्ष 2012 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बना दिया गया और तब से वो इस पद पर कार्यरत हैं। 

गौरतलब है कि जस्टिस गोगोई चुनाव सुधार से लेकर आरक्षण सुधार तक के कई अहम फैसलों में शामिल रहे हैं। जिसमें असम में घुसपैठियों की पहचान के लिए राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) बनाने का निर्णय, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा व विधान परिषद चुनावों के उम्मीदवारों को संपत्ति, शिक्षा व चल रहे मुकदमों का ब्योरा देने के आदेश आदि शामिल हैं।

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