त्रिपुरा में 14 नगर निकायों के लिए मतदान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय को कई अहम निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी, गृह सचिव से त्रिपुरा नगर निकाय चुनावों की सुरक्षा संबंधी स्थिति की समीक्षा करने के लिए कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय को त्रिपुरा में स्वतंत्र और निष्पक्ष निकाय चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की दो अतिरिक्त कंपनियां मुहैया कराने का निर्देश दिया। साथ ही मतपत्रों की सुरक्षा और मतगणना सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा है। उच्चतम न्यायालय ने चुनावों में सीसीटीवी की अनुपस्थिति में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बिना किसी दखल के चुनाव की कवरेज की इजाजत देने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग और अधिकारी इस आदेश का पालन करेंगे।
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शीर्ष अधिकारी स्थिति की समीक्षा कर सुझाव देंगे
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शीर्ष अधिकारी राज्य में स्थिति की समीक्षा कर सुझाव देंगे कि क्या वहां और अधिक सुरक्षाबलों की जरूरत है। अदालत ने कहा है कि राज्य चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक मतदान बूथ पर पर्याप्त सीएपीएफ हो ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सके।
उच्चतम न्यायालय के समक्ष टीएमसी के गंभीर आरोप
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय के सामने आरोप लगाया कि त्रिपुरा में नगर निकाय चुनाव के दौरान उसके उम्मीदवारों एवं समर्थकों को मतदान नहीं करने दिया गया। उच्चतम न्यायालय ने डीजीपी, गृह सचिव से त्रिपुरा नगर निकाय चुनावों की सुरक्षा संबंधी स्थिति की समीक्षा करने के लिए कहा है।
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त्रिपुरा निकाय चुनाव: 75 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग
त्रिपुरा के स्थानीय निकाय चुनावों में शाम 4 बजे तक 75 प्रतिशत से अधिक वोटिंग होने की सूचना है। हालांकि ये संख्या और बढ़ सकती है। इस बीच विपक्षी दलों ने चुनाव में राजनीतिक हिंसा का आरोप लगाया है मगर राज्य चुनाव आयोग ने कहीं से हिंसा की किसी भी खबर से इनकार किया है। न ही राज्य में कहीं से ईवीएम में खराबी की ही कोई सूचना है। राज्य के 14 निकायों के लिए बृहस्पतिवार को वोट डाले गए। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चला। हालांकि 4 बजे के बाद भी केंद्रों पर कतार लगी थी और देर शाम तक वोट पड़ते रहे।