2017 के हत्या के एक मामले में सुनवाई की धीमी रफ्तार पर सुप्रीम कोर्ट ने नाखुशी जताई है और बिहार की अदालत से कहा है कि तीन महीने के अंदर सुनवाई पूरी की जाए।
बिहार की राजधानी के बिहटा में व्यापारी संगठन के अध्यक्ष निर्भय सिंह की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय अदालत को तीन महीने में सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। साल 2017 में हुई इस हत्या के मामले की धीमी सुनवाई पर न्यायाधीश एल नागेश्वर राव और ऋषिकेश राय की पीठ ने नाराजगी जताते हुए यह निर्देश दिया।
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सुप्रीम कोर्ट इस मामले में पहले ही पटना हाईकोर्ट की ओर से एक आरोपी को जमानत देने के फैसले को रद्द कर चुकी है। निर्भय सिंह के भाई अजय कुमार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने पीठ के सामने अपनी दलील में कहा कि मामले में सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और आरोपियों के पास अब कोई और गवाह नहीं है।
इसके बाद पीठ ने सुप्रीम कोर्ट ने आदेश की प्रति ट्रायल कोर्ट को भेजने का निर्देश दिया और मामले में प्रगति का आकलन करने के लिए सुनवाई को चार अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया।