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SC: 'स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय दिशा-निर्देश लागू करें राज्य', NGO की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट

Wed, 25 Sep 2024 05:14 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

महाराष्ट्र के बदलापुर सहित कुछ स्कूलों में बच्चों के साथ हाल ही में हुईं यौन उत्पीड़न की घटनाओं के मद्देनजर एक गैर सरकारी संगठन ने आवेदन दायर कर देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर केंद्र के दिशा-निर्देशों को लागू करने की मांग की थी।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर केंद्र के दिशा-निर्देशों को लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय करने और दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करने का निर्देश दिया है।

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महाराष्ट्र के बदलापुर सहित कुछ स्कूलों में बच्चों के साथ हाल ही में हुईं यौन उत्पीड़न की घटनाओं के मद्देनजर एक गैर सरकारी संगठन ने आवेदन दायर कर देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर केंद्र के दिशा-निर्देशों को लागू करने की मांग की थी।

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि केंद्र ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर दिशा-निर्देश अधिसूचित किए हुए हैं। पीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह इसकी प्रतियां मुख्य सचिवों या समकक्ष अधिकारियों को भेजे। गैर सरकारी संगठन ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का ने शीर्ष अदालत को अवगत कराया कि केवल पांच राज्यों ने बच्चों की सुरक्षा के लिए केंद्र के दिशा-निर्देशों को लागू किया है।  
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बच्चों की सुरक्षा से समझौता
बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है। उन्हें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के परामर्श से मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) की ओर से तैयार दिशा-निर्देशों को अधिसूचित करने में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की विफलता के कारण यौन शोषण और हमलों का शिकार होना पड़ रहा है।

  • याचिका में कहा गया कि महाराष्ट्र के बदलापुर में हाल ही में हुई दुखद घटना आंखें खोलने वाली है, जिसमें दो स्कूली छात्राओं के साथ एक स्टाफ सदस्य ने दुष्कर्म किया। जो दर्शाती है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों के जीवन की रक्षा करने में बुरी तरह विफल रहा है।
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