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Manipur Violence: कुकी जनजाति की सुरक्षा के लिए सेना की तैनाती की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

Tue, 11 Jul 2023 05:10 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीजेआई सोमवार को मणिपुर की स्थिति पर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट कानून और व्यवस्था नहीं चला सकता है। ये काम चुनी हुई सरकार का है।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर जनजातीय मंच की एक याचिका खारिज कर दी है। याचिका में कुकी जनजाति की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना को निर्देश देने की मांग कर गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ' कोर्ट के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों को इस तरह का निर्देश देना उचित नहीं होगा।' 

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इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह केंद्र और मणिपुर राज्य पर मणिपुर के नागरिकों के जीवन की सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जोर जरूर डालेगा। वहीं, भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने सभी पक्षों से समानता की भावना बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सभी किसी भी तरह से नफरत भरे भाषणों से दूर करने का आग्रह किया।

इससे पहले सीजेआई सोमवार को मणिपुर की स्थिति पर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट कानून और व्यवस्था नहीं चला सकता है। ये काम चुनी हुई सरकार का है। दरअसल, कुकी समूहों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस ने राज्य में बढ़ती हिंसा के बारे में चिंता जताई। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्य में स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप करने की मांग की थी।
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वहीं, मणिपुर सरकार ने कोर्ट को बताया था कि वह हिंसा प्रभावित राज्य में जाति, पंथ, धर्म, जनजाति और समुदाय को तवज्जो दिए बगैर सभी नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा के लिए सर्वोत्तम प्रयास कर रही है। सीजेआई की पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव की ओर से दाखिल अपडेट स्थिति रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया।

मणिपुर सरकार ने रिपोर्ट में आग्रह किया कि इस मामले को याचिकाकर्ताओं और अन्य पक्षों को अत्यधिक संवेदनशीलता के साथ उठाना चाहिए, क्योंकि किसी भी गलत सूचना, अफवाह या यहां तक कि संदेह से मणिपुर में स्थिति बिगड़ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भले ही अदालत में एकतरफा दलीलें पेश की जा रही हों, लेकिन लाइव रिपोर्टिंग के कारण इसके मणिपुर में सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने की संभावना है।

इंटरनेट की बहाली मामले में सुनवाई 11 जुलाई को
उच्चतम न्यायालय मणिपुर में इंटरनेट की सीमित बहाली पर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ मणिपुर सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ मंगलवार यानी 11 जुलाई को याचिका पर सुनवाई करगी करने के लिए सहमत हो गई। इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग करते हुए कहा कि राज्य में स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है।

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