कोरोना वायरस के चलते देश में लगाए गए लॉकडाउन में सुप्रीम कोर्ट ने इतिहास रच दिया है। लॉकडाउन में सामाजिक दूरी के पालन और कोर्ट में स्टाफ की सीमित उपलब्धता की दिक्कत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने खुली अदालत में सुनवाई नहीं की। लेकिन न्याय व्यवस्था को जारी रखने के लिए जरूरी मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 57 दिन की वर्चुअल सुनवाई पूरी कर चुका है। जिसमें अब तक कुल 7,144 मामलों की सुनवाई की जा चुकी है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इतनी संख्या में इन मामलों की सुनवाई करके सुप्रीम कोर्ट एक मील का पत्थर साबित कर चुका है। इसलिए 57 दिनों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुप्रीम कोर्ट के जजों की कुल 618 बेंच ने 6,994 मामलों की सुनवाई की। इनमें पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई भी शामिल है। इसके अलावा 150 मामलों की सुनवाई रजिस्ट्रार कोर्ट द्वारा की गई। इस अवधि के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 672 मामलों में फैसले सुनाए इनमें 134 मुख्य मामलों और 538 जुड़े हुए मामलों में फैसले सुनाए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई में दिल्ली के हर कोने से वकीलों के आसानी से शामिल होने के लिए दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम की व्यवस्था की ताकि वकीलों को सुप्रीम कोर्ट में बनाए गए वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम तक में आना पड़े। अभी देश में कोरोना संकट जारी है इसलिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के जरिए फिलहाल जारी रहेगी।
जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा: आज सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संशोधन की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज विचार करेगा। जस्टिस एस रविंद्र भट्ट चेंबर में इन पर विचार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट में चार याचिका दायर की गईं जिनमें से एक याचिका मुस्लिम युवक की भी है। यह रथयात्रा 23 जून यानी मंगलवार से शुरू होनी थी। याचिकाओं में कहा गया है कि जगन्नाथ यात्रा को केवल पुरी मैं निकालने की इजाजत मिले।
याचिका में कहा गया है कि रथ यात्रा सदियों पुरानी परंपरा है जिसमें करोड़ों लोगों की आस्था है। मांग की गई है कि पुरी की मुख्य रथयात्रा को अनुमति दें। आग्रह किया गया है कि यात्रा निकालने और पूजा के लिए केवल 500-600 लोगों को इजाजत मिले। जो कोरोना संकट के मद्देनजर बचाव संबंधी गाइडलाइन और आपसी दूरी का पूरा ध्यान रखेंगे।
तबलीगी जमात से जुड़े विदेशी नागरिक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
तबलीगी जमात से जुड़े विदेशी नागरिक सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में विभिन्न देशों के विदेशियों को ब्लैक लिस्ट करने के गृह मंत्रालय के विदेश योग फैसले को चुनौती दी है। 7 विदेशी नागरिकों ने गृह मंत्रालय के इस कदम को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार का यह फैसला असंवैधानिक है। क्योंकि ब्लैक लिस्ट करने से पहले न तो उनको नोटिस दिया गया और न ही उनका पक्ष सुना गया है।
दरअसल, दो अप्रैल को प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने 35 देशों के 960 विदेशियों को ब्लैक लिस्ट करने के सरकार के फैसले की सूचना दी थी जो भारत में मौजूद थे। साथ ही ऐसे विदेशी नागरिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त को आदेश जारी किए गए।