सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल के कोट्टियूर में हुए सेक्स कांड को बेहद गंभीर मामला करार दिया, जिसमें एक कैथोलिक पादरी पर एक नाबालिग किशोरी के साथ रेप करने का आरोप है। इस पादरी के जुर्म को छिपाने के आरोपी दो डॉक्टरों व एक हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर ने इस मामले में केरल हाईकोर्ट की तरफ से अपने खिलाफ आपराधिक ट्रायल चलाए जाने के आदेश पर शीर्ष न्यायालय से स्टे देने की मांग की थी।
लेकिन जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण ने तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए मामले की सुनवाई 26 जुलाई तक स्थगित कर दी। क्राइस्टराज हॉस्पिटल के आरोपी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हैदर अली, आरोपी प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सिस्टर टेसी जोस और एडमिनिस्ट्रेटर सिस्टर एंसी मैथ्यू पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता के अपने यहां आने पर पुलिस को जानकारी नहीं दी और सबूतों को मिटा दिया।
कक्षा 11 में पढ़ने वाली पीड़िता किशोरी के इस अस्पताल में बच्चे को जन्म देने के बाद ये मामला सभी की जानकारी में आया था। इस मामले में आरोपी पादरी समेत 5 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।