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शीर्ष अदालत की टिप्पणी: ‘हर मामला सुप्रीम कोर्ट में नहीं लाया जा सकता’

Thu, 08 Apr 2021 02:45 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा है कि हर मामला शीर्ष अदालत में नहीं लाया जा सकता। ऐसा करने से एक ढह रही प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगी। जस्टिस संजय किशन कौल व जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ के समक्ष बुधवार को करीब ऐसे 11 केस थे, जिनके बारे में पीठ की राय थी कि इन मामलों में दखल देने का कोई कारण नहीं बनता।

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जस्टिस कौल ने कहा कि हमें यह तय करने की आवश्यकता है कि आखिर कितने चरणों तक किसी मामले को परखा जाना चाहिए। कहीं न कहीं इसे विराम देने की जरूरत है।दरअसल, पीठ ने एक मामले पर गौर करने पर पाया कि हाईकोर्ट समेत निचली अदालतों ने मामले पर एक ही राय रखी। इसके बावजूद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

एक अन्य मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें वैवाहिक मामलों से जुड़ी कार्रवाई को ट्रांसफर करने की गुहार लगाई गई है। हाईकोर्ट ने पति द्वारा मुकदमे को ट्रांसफर  करने की मांग को ठुकरा दिया था। वहीं एक मामले में हाईकोर्ट ने नोटिस और स्टे का आदेश पारित किया था।
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पीठ ने पाया कि नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई थी जबकि स्टे ऑर्डर को चुनौती नहीं दी गई। कुछ अन्य मामलों के बारे में पीठ की स्पष्ट राय थी कि इन मामलों के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर नहीं करनी चाहिए।

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