शीर्ष अदालत के प्रस्ताव के मुताबिक, कॉलेजियम ने जिन जजों के नामों की सिफारिश की है, उनमें जस्टिस बिश्वरूप चौधरी, जस्टिस पार्थसारथी सेन, जस्टिस प्रसनजीत बिश्वास, जस्टिस उदय कुमार, जस्टिस अजय कुमार गुप्ता, जस्टिस सुप्रतीम भट्टाचार्य, जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी, जस्टिस अपूर्व सिन्हा रे और जस्टिस मोहम्मद शब्बर रशिदी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने केंद्र से कलकत्ता उच्च न्यायालय के नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने की सिफारिश की है, जो 31 अगस्त, 2024 से प्रभावी होगा।
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शीर्ष अदालत के प्रस्ताव के मुताबिक, कॉलेजियम ने जिन जजों के नामों की सिफारिश की है, उनमें जस्टिस बिश्वरूप चौधरी, जस्टिस पार्थसारथी सेन, जस्टिस प्रसनजीत बिश्वास, जस्टिस उदय कुमार, जस्टिस अजय कुमार गुप्ता, जस्टिस सुप्रतीम भट्टाचार्य, जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी, जस्टिस अपूर्व सिन्हा रे और जस्टिस मोहम्मद शब्बर रशिदी शामिल हैं।
प्रस्ताव में कहा गया है कि हाईकोर्ट कॉलेजियम ने 29 अप्रैल को सर्वसम्मति से स्थायी न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए नौ अतिरिक्त न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की थी। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने उपरोक्त सिफारिश पर अपने विचार नहीं बताए।
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इसके बाद न्याय विभाग ने प्रक्रिया ज्ञापन के पैरा 14 को लागू करके उपरोक्त सिफारिश को आगे बढ़ाया। इस नियम के तहत मान लिया जाता है कि तय समय के भीतर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की तरफ से जवाब नहीं आने का मतलब होता है कि उन्हें इस पर कुछ नहीं कहना है।