न्यायाधीशों की कमी का सामना कर रहे देश के विभिन्न हाईकोर्ट को राहत देने के लिए चार मई को हुई बैठक के अनुसार कोलाजियम ने इससे जुड़े कुछ प्रस्तावों को अनुमति दी है।
सुप्रीम कोर्ट कोलाजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट में सात अधिवक्ताओं को न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को अनुमति दे दी है। देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण की अध्यक्षता वाले कोलाजियम ने चार मई को हुई बैठक के अनुसार यह फैसला लिया है।
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न्यायाधीश पद के लिए जिन अधिवक्ताओं की सिफारिश की गई है उनमें विकास महाजन, तुषार राव गेडेला, मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा, सचिन दत्ता, अमित महाजन, गौरांग कांठ और सौरभ बनर्जी हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में इस समय 35 न्यायाधीश हैं जबकि इसकी अनुमोदित क्षमता 60 की है।
कोलाजियम ने चार मई को पटना हाईकोर्ट में सात न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश के रूप में प्रोन्नति देने के प्रस्ताव को भी अनुमति दी थी। इसके लिए जिन नामों की सिफारिश की गई है उनमें शैलेंद्र सिंह, अरुण कुमार झा, जितेंद्र कुमार, आलोक कुमार पाण्डेय, सुनील दत्त मिश्रा, चंद्र प्रकाश सिंह और चंद्र शेखर झा शामिल हैं।
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इसके अलावा इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट कोलाजियम ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में अधिवक्ता महबूब सुभानी शईक को न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी थी।