भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अपनी सेवानिवृत्ति से पहले सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। सुप्रीम कोर्ट में अब गर्मी की छुट्टी में आंशिक कामकाजी अदालत लगेगी। सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार महेश टी. पाटणकर ने यह आदेश जारी किया।
आदेश में कहा गया है कि कोर्ट के कार्यालय के लिए आंशिक कार्य दिवसों की अवधि और छुट्टियों की संख्या चीफ जस्टिस तय करेंगे। यह संख्या रविवारों को छोड़कर अधिकतम 95 दिन तक की हो सकती है। इसके अलावा आंशिक कोर्ट कार्य दिवसों और छुट्टियों के दौरान कोर्ट कार्यालय चीफ जस्टिस के निर्देशानुसार खुले रहेंगे।
इसके अलावा साल में कोर्ट दो सत्रों में काम करेगी। पहला सत्र क्रिसमस और नववर्ष की छुट्टियों से शुरू होकर दिसंबर के प्रत्येक दिन के अंत तक चलेगा। जबकि दूसरा सत्र क्रिसमस और नववर्ष की छुट्टियों की समाप्ति से शुरू होकर आंशिक कोर्ट कार्य दिवसों की शुरुआत तक चलेगा। वहीं चीफ जस्टिस आंशिक कोर्ट कार्य दिवसों के दौरान और छुट्टियों में एक या एक से अधिक न्यायाधीशों को किसी महत्वपूर्ण मामले या किसी अन्य मामले के सुनवाई के लिए नियुक्त कर सकते हैं। मौजूदा व्यवस्था में सुप्रीम कोर्ट में हर साल गर्मी और सर्दी की छुट्टियां होती हैं। हालांकि इस अवधि में सुप्रीम कोर्ट पूरी तरह से बंद नहीं रहता। गर्मी के दिनों में सीजेआई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के लिए अवकाश पीठ गठित करते हैं।
वहीं संशोधित नियम में अब अवकाशकालीन जज शब्द भी खत्म होगा। इसकी जगह जज कहा जाएगा। हाल ही में प्रकाशित 2025 सुप्रीम कोर्ट कैलेंडर के अनुसार आंशिक न्यायालय कार्य दिवस 26 मई 2025 से शुरू होंगे और 14 जुलाई 2025 को समाप्त होंगे।