एमओयू के अनुसार मोइन-उल-हक क्रिकेट स्टेडियम बीसीए को एक रुपये के भुगतान पर लीज पर दिया जाएगा। नए स्टेडियम का संचालन शुरू होने के बाद बीसीसीआई और बीसीए सात साल तक लाभ साझा करेंगे।
बिहार सरकार ने बुधवार को यहां मोइन-उल-हक क्रिकेट स्टेडियम के पुनर्विकास के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। बीसीसीआई और राज्य सरकार के खेल विभाग के बीच स्टेडियम को नया रूप देने के लिए करार पर हस्ताक्षर किए गए जिससे कि यह स्टेडियम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी कर सके।
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बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) के अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी ने पीटीआई को बताया, 'इससे मोइन-उल-हक क्रिकेट स्टेडियम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में बदल जाएगा जहां दिन-रात के मैच और अन्य खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।' उन्होंने कहा, 'पांच सितारा सुविधाओं वाले पुनर्निर्मित स्टेडियम में 40,000 से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता होगी और निर्माण कार्य तीन साल में पूरा हो जाएगा।'
एमओयू के अनुसार मोइन-उल-हक क्रिकेट स्टेडियम बीसीए को एक रुपये के भुगतान पर लीज पर दिया जाएगा। नए स्टेडियम का संचालन शुरू होने के बाद बीसीसीआई और बीसीए सात साल तक लाभ साझा करेंगे। तिवारी ने कहा, 'सात साल के बाद लाभ राज्य सरकार और बीसीए के बीच 50-50 प्रतिशत के आधार पर साझा किया जाएगा। लीज 30 साल की होगी जिसे बाद में बढ़ाया जा सकता है।'