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कुछ शर्तों के साथ आधार अनिवार्य, जानें सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें

Wed, 26 Sep 2018 06:42 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Aadhaar
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सुप्रीम कोर्ट ने आधार की वैधता व अनिवार्यता पर आज अपना अहम फैसला सुनाया, जिसमें कुछ शर्तों के साथ आधार अनिवार्य कर दिया गया। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी ने आधार पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सर्वश्रेष्ठ होने के मुकाबले अनूठा होना बेहतर है और आधार का अर्थ अनूठा है। 

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कोर्ट ने कहा कि आधार के खिलाफ याचिकाकर्ताओं के आरोप संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन पर आधारित हैं, जिनके कारण राष्ट्र शासकीय निगरानी वाले राज्य में बदल जायेगा। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आधार संवैधानिक रूप से वैध है।     

बता दें कि आधार की संवैधानिक वैधता और इसे लागू करने वाले वर्ष 2016 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर साढ़े चार महीने बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। यह वर्ष 1973 में केशवनंद भारती के ऐतिहासिक मुकदमे के बाद इसे सुनवाई के हिसाब से दूसरा सबसे लंबा मुकदमा माना गया है।
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सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कई मायनों में बेहद अहम है, क्योंकि अब तक देश में 1.21 अरब लोग आधार बनवा चुके हैं और बैंक खातों में सीधे सब्सिडी से लेकर तमाम अन्य तरह की लाभ योजनाओं को लागू करने में इसे बेहद अहमियत दी गई है। 

 

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खास बातें

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खास बातें

- 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए स्कूलों में दाखिले के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। 

- बैंक खाता खुलवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। 

- पैन कार्ड लिंक करवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। 

- मोबाइल कंपनियां आधार कार्ड की मांग नहीं कर सकती हैं। 

- नया सिम कार्ड लेने के लिए आधार अनिवार्य नहीं है। 

- यूजीसी, नीट और सीबीएसई परीक्षाओं के लिए आधार अनिवार्य नहीं है। 

- बॉयोमेट्रिक डाटा अदालत की अनुमति के बिना किसी भी एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा। 

- सरकार को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड न मिले। 

 - आधार योजना के सत्यापन के लिए पर्याप्त रक्षा प्रणाली है। जितनी जल्दी संभव हो, आंकड़ों की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र बनाया जाए। 

- आधार समाज के वंचित तबके को सशक्त बनाता है और उन्हें पहचान देता है। 

- नकली आधार कार्ड प्राप्त करने की कोई संभावना नहीं है। 

- निजी कंपनियों को आधार के आंकड़े एकत्र करने की अनुमति देने वाले आधार कानून के प्रावधान 57 को रद्द कर दिया है। 

फैसला सुनाते हुए जस्टिस सीकरी ने कहा कि शिक्षा हमें अंगूठे से हस्ताक्षर तक ले गई, लेकिन एक बार फिर तकनीक हमें हस्ताक्षर से अंगूठे की ओर ले जा रही है। 
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