सीजेआई ने कहा, "राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि अगर जरूरत है तो वह इस काम के लिए जरूरी कार्यबल मुहैया कराए।"
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी- तमिलगा वेत्री कझगम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पार्टी ने बीएलओ के तौर पर अपनी ड्यूटी ठीक ढंग से न निभा पाने वाले लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग की ओर से की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी थी। पार्टी का कहना था कि ईसी काम के बोझ तले दबे बीएलओ के खिलाफ काम न कर पाने की स्थिति में जन प्रतिनिधि कानून की धारा 32 के तहत आपराधिक कार्रवाई कर रही है। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब निर्देश जारी किए हैं।
अन्य वीडियो
बेंच ने टीवीके की तरफ से पेश वकील गोपाल शंकरनारायणन की इस बात पर सहमति जताई कि बीएलओ, जो कि अधिकतर शिक्षक या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, का चुनाव आयोग के काम के अतिरिक्त दबाव के चलते निधन हुआ है, ऐसे में सरकार को कुछ निर्देश जारी किए जाने जरूरी हैं। वकील शंकरनारायणन ने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारी ड्यूटी पूरी न कर पाने के लिए बीएलओ पर एफआईआर तक दर्ज करा रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय की तरफ से कहा गया कि चूंकि एसआईआर की प्रक्रिया जारी है, ऐसे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है कि वे चुनाव आयोग के आदेश के तहत काम के लिए जरूरी कार्यबल मुहैया कराएं।