फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: एससीबीए ने CJI को स्थायी समिति में शामिल होने का किया अनुरोध, बुनियादी ढांचे को लेकर जताई चिंता

Sat, 18 Mar 2023 03:52 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीजेआई को लिखे पत्र में एससीबीए के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि योजना या अतिरिक्त बुनियादी ढाँचे के वास्तविक निर्माण में बार निकाय के प्रतिनिधित्व की कमी के कारण बार की आवश्यकता का पर्याप्त रूप से ध्यान नहीं रखा जाता है। 
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ कई बार निकायों में बुनियादी ढांचे को लेकर चिंता जता चुके हैं। वहीं अब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर स्थायी समिति में प्रतिनिधित्व के लिए अनुरोध किया है जो बार द्वारा बुनियादी ढांचे के निर्माण और इसके उपयोग से संबंधित है।

विज्ञापन


सीजेआई को लिखे पत्र में एससीबीए के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि योजना या अतिरिक्त बुनियादी ढाँचे के वास्तविक निर्माण में बार निकाय के प्रतिनिधित्व की कमी के कारण बार की आवश्यकता का पर्याप्त रूप से ध्यान नहीं रखा जाता है। 

पत्र में अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि मैं दृढ़ विश्वास के साथ कह सकता हूं कि एससीबीए को दिए गए स्थान की अभिवृद्धि ने या तो समय के साथ न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि के कारण या जब बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए सर्वोच्च न्यायालय को अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई थी, तब अतिरिक्त स्थान के साथ अनुपात नहीं रखा है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों और रजिस्ट्री के लिए बुनियादी ढांचा कई गुना बढ़ गया है और एससीबीए सदस्यों के लिए सुविधाओं के लिए बुनियादी ढांचे में कोई समान वृद्धि नहीं हुई है और उदाहरण यह है कि बार के लिए बहुत छोटा/गंदा लंच रूम है, वहां पर्याप्त प्रतीक्षा रूम नहीं है। 

विकास सिंह ने एससीबीए की ओर से लिखे गए एक पत्र में कहा कि न्यायालयों के पास वकीलों की प्रतीक्षा करने के लिए पर्याप्त प्रतीक्षा स्थान नहीं हैं, जिसके परिणामस्वरूप वकीलों की भीड़ अदालतों में समाप्त नहीं हो पाती है। वहीं अप्पू घर में वकीलों के लिए कक्षों के निर्माण के लिए भूमि के एक टुकड़े के आवंटन को लेकर मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ और एससीबीए प्रमुख के बीच हालिया अदालती विवाद के बाद यह पत्र आया।

बाद में दोनों पक्षों ने एक समझौता किया और सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की एक याचिका पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन प्रमुख ने कहा कि भीड़भाड़ एक बड़ी समस्या है और बार की महिला सदस्य, महिला वादकारियों, महिला सुप्रीम कोर्ट स्टाफ के साथ-साथ विशेष जरूरतों वाले सदस्यों और बुजुर्गों को अदालत में प्रवेश करते समय एक दु:खद अनुभव होता है।

एससीबीए ने कहा कि न्यायाधीशों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ मीटिंग रूम भी है जिसमें पर्याप्त जगह है, खुद के लिए तीन ऑडिटोरियम हैं और कई अन्य सुविधाएं समय के साथ बनाई गई हैं, एससीबीए के सचिव या अध्यक्ष पास न तो कोई कमरा है और न इसकी कार्यकारी समिति है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें