सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की नाराजगी दूर करने की कवायद रविवार को भी जोरों पर रही। इसी को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया चीफ और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) प्रेसिडेंट ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से अलग-अलग मुलाकात की। देर रात तक बैठकों का दौर जारी रहा।
सबसे पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने देर शाम जस्टिस शरद अरविंद और जस्टिस कुरियन जोसेफ से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद बार काउंसिल चीफ मनन कुमार मिश्रा ने भी चीफ जस्टिस से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि 'हमने चीफ जस्टिस से मुलाकात की है और जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा। मामले में हमने जितने भी पक्षों से बात की है सभी ने इसे जल्द सुलझाने पर जोर दिया है।'
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विकास सिंह ने चीफ जस्टिस से मिलने पहुंचे। मीटिंग के बाद बाहर निकले सिंह ने बताया कि 'एससीबीए ने प्रस्ताव की कॉपी चीफ जस्टिस को सौंपी जिसपर उन्होंने सकारात्मक तौर पर गौर करने का आश्वासन दिया।'
बता दें कि जजों ने पिछले दो महीने के बिगड़े हालातों पर अपनी बात रखने के लिए प्रेस का सहारा लिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था ठीक नहीं चल रही है। जजों का इशारा सीधे-सीधे चीफ जस्टिस की ओर था।
इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस रंजन गोगई जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस चेलामेश्वर और जस्टिस मदन भीमराव मौजूद रहे, जिसमें उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा- न्यायपालिका में कुछ ठीक नहीं है और अगर ऐसा ही रहा तो लोकतंत्र नहीं चल सकता। जजों ने कहा- कल को कोई ऐसा न कह दे की हमने अपनी आत्मा बेच दी है।