Mukul Rohtagi, Atorney General of India
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर अटार्नी जनरल से राय मांगी है, जिसमें सांसद और विधायकों की वकालत पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस एएम खानविलकर की पीठ ने कहा, इस याचिका की प्रति सेंट्रल एजेंसी को दी जाए, ताकि अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल इस पर अपनी राय दे सकें। भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया का नियम 49 संसद और विधानसभा के सदस्यों को वकालत करने से रोकता है।
इस नियम के मुताबिक कोई एडवोकेट अगर प्रैक्टिस कर रहा है, तो उसको उस दौरान किसी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए। जबकि विधायक और सांसद को भारत सरकार से वेतन मिलता है, इसलिए यह इस कानून का उल्लंघन।
वहीं याचिका में आगे कहा गया है कि कानून के निर्माताओं को कानून की प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि इसमें हितों का टकराव भी होता है।