करोड़ों रुपये के अवैध खनन मामले में आरोपी रेड्डी 2015 से जमानत पर बाहर हैं और सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में उन पर कई शर्तें लगाई थीं, जिसमें उन्हें कर्नाटक के बेल्लारी तथा आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और कड़पा का दौरा करने से रोकना शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के पूर्व मंत्री और अवैध खनन मामले में सोमवार को आरोपी जी. जनार्दन रेड्डी को बेटी से मुलाकात करने की अनुमति दे दी है। इसके अलावा बेल्लारी जिले का दौरा करने के साथ-साथ छह नवंबर 2022 तक रहने की भी अनुमति दी गई है।
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न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने विशेष अदालत को दैनिक आधार पर मुकदमे की सुनवाई करने तथा नौ नवंबर 2022 से छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया। अदालत ने रेड्डी को मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक बेल्लारी से बाहर रहने का भी आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई में देरी करने की रेड्डी की ओर से किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाए।
करोड़ों रुपये के अवैध खनन मामले में आरोपी रेड्डी 2015 से जमानत पर बाहर हैं और सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में उन पर कई शर्तें लगाई थीं, जिसमें उन्हें कर्नाटक के बेल्लारी तथा आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और कड़पा का दौरा करने से रोकना शामिल है। रेड्डी ने अपनी बेटी से मुलाकात करने के लिए बेल्लारी जाने की अनुमति मांगी थी। उनकी बेटी ने हाल ही में एक बच्ची को जन्म दिया है।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पांच सितंबर 2011 को रेड्डी तथा उनके रिश्तेदार बी.वी श्रीनिवास रेड्डी को बेल्लारी से गिरफ्तार किया था। श्रीनिवास रेड्डी ओबलापुरम माइनिंग कंपनी (ओएमसी) के प्रबंध निदेशक हैं। इस कंपनी पर खनन पट्टे के सीमांकन को बदलने तथा बेल्लारी आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध खनन करने का आरोप है।