एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि उनके पीआरओ सुबह मीडिया में छपी हलफनामों से संबंधित रिपोर्ट दिखाते हैं, जबकि तब तक हलफनामा न्यायालय में दायर नहीं होता।
भारत के मुख्य न्यायाधीश ने जजों तक हलफनामा पहुंचने से पहले मीडिया में पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि न्यायालय में हलफनामा दायर से पहले जज हलफनामे को मीडिया में पढ़ते हैं। सीजेआई ने सोमवार को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल(एएसजी) से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि हलफनामा मीडिया को प्रसारित करने से पहले अदालत में दायर किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके पीआरओ सुबह मीडिया में छपी हलफनामों से संबंधित रिपोर्ट दिखाते हैं, जबकि तब तक हलफनामा न्यायालय में दायर नहीं होता।
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सीजेआई ने एएसजी नटराज से कहा, कृपया हलफनामा सर्कुलेट करें। हम केवल मीडिया में हलफनामे पढ़ते हैं। इसके बाद नटराज ने पीठ को भरोसा दिलाया कि अब ऐसा संघ (केंद्र सरकार) की ओर से नहीं होगा। सीजेआई ने यह बात अपनी अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के लौह अयस्क निर्यात से संबंधित आवेदनों पर विचार के दौरान कही। पीठ ने इस्पात मंत्रालय से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या घरेलू बाजार में पर्याप्त लौह अयस्क उपलब्ध है और क्या खनन सामग्री के निर्यात की अनुमति दी जानी चाहिए?