देश के 23वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में रविवार को कार्यभार संभालने वाले सुनील अरोड़ा ने चुनावों को ‘पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और नैतिक’ बनाने के लिए राजनीतिक दलों और लोगों से सहयोग करने का आग्रह किया।
अरोड़ा, ओ पी रावत के स्थान पर मुख्य चुनाव आयुक्त बने है। रावत शनिवार को इस पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव 62 वर्षीय पूर्व नौकरशाह अरोड़ा की निगरानी में होंगे।
लोकसभा चुनाव के अलावा 2019 में जम्मू कश्मीर, ओडिशा, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में होने वाले विधानसभा चुनाव भी उनके ही कार्यकाल के दौरान संपन्न होंगे। उनका कार्यकाल अक्तूबर, 2021 तक होगा।
कार्यभार संभालने के बाद नये मुख्य चुनाव आयुक्त ने ‘चुनावों को पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और नैतिक बनाने में’ सभी हितधारकों-राजनीतिक पार्टियों, मीडिया, नागरिक समाज संगठनों और लोगों से सहयोग करने का अनुरोध किया।