राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने कहा कि समाज में पांच स्तरीय बदलाव लाना आरएसएस के शीर्ष एजेंडे में से एक है, जिसे इसके कार्यकर्ताओं की ओर से देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान के जरिये आगे बढ़ाया जाना है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने मंगलवार को कहा कि संघ का 'पंच परिवर्तन' कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश को प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे ले जाने का विचार है।
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समाज में पांच स्तरीय बदलाव लाना आरएसएस के शीर्ष एजेंडे में से एक है, जिसे इसके कार्यकर्ताओं की ओर से देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान के जरिये आगे बढ़ाया जाना है। संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के एक भाग के रूप में समाज के लाभ के लिए पंच परिवर्तन कार्यक्रम पर भी गहराई से चर्चा करने की घोषणा की थी। उसके मुताबिक इस कार्यक्रम में सामाजिक परिवर्तन के लिए पांच प्रमुख बिंदु यानी सामाजिक समरसता (सामाजिक सद्भाव), कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण (पर्यावरण जागरूकता), 'स्व' (स्वार्थ) पर जोर और नागरिकों के कर्तव्य शामिल हैं।
आंबेकर ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि पंच परिवर्तन समाज में बदलाव का कार्यक्रम है और यह हर किसी के लिए अच्छा है। यहां हर किसी की भूमिका है और हम सभी सोचते हैं कि समाज में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। लोगों से इस कदम से जुड़ने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि दीपावली पर इसकी शुरुआत एक सही अवसर है। आंबेकर ने कहा कि देश तभी समृद्धि प्राप्त कर सकता है, जब उसके लोग अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर आगे आएं और लोक कल्याण के लिए काम करें।
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उन्होंने कहा, आज पूरा समाज जाग रहा है और देश भी समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। हमारे देश में इतनी समृद्धि हो कि हर कोई दिवाली धूमधाम से मना सके। यह तभी संभव है, जब हम अच्छे और सकारात्मक विचारों का प्रसार करें। मीडिया को यहां बड़ी भूमिका निभानी है।