लैंगिक भेदभाव को लेकर कंपनी के कर्मचारियों को संबोधित करने व उनकी बात सुनने के लिए गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने टाउन हॉल बैठक को रद्द कर दिया। इसकी बजाय उन्होंने कर्मचारियों को मेल के जरिये इस पर अपनी राय दी।
उन्होंने कहा कि गूगल के कर्मचारी अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं और इस मुद्दे पर टाउन हॉल में बोलने के लिए चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसे मंच का निर्माण करना चाहती है, जहां कर्मचारी खुलकर अपनी राय रख सकें।
दरअसल, टाउन हॉल एक ऐसा मंच है जहां गूगल के कर्मचारी अपनी चिंताओं को खुलकर साझा कर सकते हैं, लेकिन हाल में लैंगिक भेदभाव को लेकर उठा मुद्दा चिंता का विषय बन कर उभरा है।
गुरुवार को टाउन हॉल मीटिंग को रद्द कर दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कुछ कर्मचारियों ने इस बात का डर व्यक्त किया था कि यदि वे बैठक के दौरान कोई बात बोलते हैं या सवाल पूछते हैं तो उन्हें ऑनलाइन हैरेसमेंट का शिकार बनाया जा सकता है।
गौरतलब है कि गूगल के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर जेम्स डेमोरे ने दावा किया था कि गूगल में महिलाएं उच्च पदों पर सिर्फ इसलिए नहीं है क्योंकि वहां उनके साथ भेदभाव किया जाता है। गूगल में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम आंका जाता है। डेमोरे को गूगल से निकाल दिया गया है।