आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर केंद्रित सोमवार से शुरू हो रहा वैश्विक शिखर सम्मेलन एआई इम्पैक्ट समिट ऐसे नाजुक और परिवर्तनकारी दौर में हो रहा है, जब दुनिया के कई बड़े देश अपने-अपने एआई एजेंडे को तय करने की होड़ में जुटे हैं। हालांकि, भारत के लिए यह समिट मुख्य वैश्विक एआई आर्किटेक्ट के रूप में खुद को स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
भारत मंडपम में होने वाले इस समिट में भारत एक ऐसे टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर अपनी प्रगति, मजबूत इरादे और गहरे टैलेंट पूल से दुनिया को रूबरू कराएगा, जिसे बिजली के आविष्कार के बाद सबसे बड़ा परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी माना जा रहा है। इंडिया इम्पैक्ट समिट भारत के लिए न सिर्फ अपने डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम के तेज रफ्तार विस्तार से अवगत कराना है, बल्कि यह भी बताना है कि वह जिम्मेदारी और सुरक्षित तरीके से दुनिया के लिए समावेशी एआई समाधान देने में सक्षम है। एआई दिग्गजों का कहना है कि इस समिट को भारत की बढ़ती ताकत का वैश्विक मंच पर असर के रूप में देखा जा सकता है। वह भी तब, जब एआई रिसर्च लैब्स और बोर्डरूम के चर्चित शब्दों से कहीं आगे निकल गया है। यह हेल्थकेयर क्षेत्र को नया आकार दे रहा है। खेती को बदल रहा है। वित्तीय बाजार एवं शिक्षा क्षेत्र को फिर से परिभाषित कर रहा है। कंपनियों की रणनीति को बदल और तय कर रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात...रोजमर्रा की जिंदगी को बदल रहा है।
समिट की थीम...पीपल प्लैनेट और प्रोग्रेस
दुनियाभर में पहले भी एआई पर कई सम्मेलन हो चुके हैं। 2023 में यूके के ब्लेचले पार्क में आयोजित एआई सेफ्टी समिट, 2024 के सियोल समिट और 2025 के पेरिस मीट में जोखिम, सुरक्षा और स्वैच्छिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया था।
एआई इम्पैक्ट समिट इन सम्मेलनों से आगे की चीज है। इसके जरिये भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास के असर और रियल-वर्ल्ड एप्लिकेशन को दुनिया के सामने लाएगा, जो आर्थिक वृद्धि, सामाजिक समावेशन एवं स्थिरता को बढ़ा सकते हैं। साथ ही, यह पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूती प्रदान करेगा।
टेक दिग्गजों ने माना लोहा
अमेरिका और चीन जैसे देशों के अपने एआई एजेंडे थोपने की होड़ के बीच भारत दुनिया की बेहतरी के लिए इस परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी को आकार देने में महत्वपूर्ण निभा रहा है। दुनिया के टेक दिग्गज भारत के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि भारत एआई के इस्तेमाल और नागरिकों पर पड़ने वाले इसके असर को प्राथमिकता दे रहा है। एआई इंडिया समिट से पहले एक्सेंचर की चेयर एवं सीईओ जूली स्वीट का कहना है कि यह वैश्विक सम्मेलन ऐसे सही समय पर हो रहा है, जब ग्लोबल साउथ एआई के भविष्य को बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। मैं इंडिया एआई समिट में दुनियाभर के लीडर्स के साथ जुड़ने का इंतजार कर रही हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूरी सरकार और इसमें शिरकत करने वाले सभी नेताओं का धन्यवाद।
अमेरिका में भारतीय दूतावास की ओर से पोस्ट एक वीडियो ने जूली ने कहा, एआई अगले दशक की रूपरेखा तय करेगा। यह अर्थव्यवस्थाओं के बढ़ने, समाज को आगे बढ़ाने और लोगों के काम करने की तरीकों को बदल देगा। इन बदलावों से सबको लाभ हो...यह सुनिश्चित करने के लिए हमें निर्भीक लीडरशिप, गहरे सहयोग और जिम्मेदारी की एक जैसी भावना की जरूरत है, जिसमें इन्सान मजबूती से आगे बढ़े। हमें एआई के लोकतांत्रिकरण पर भी प्रमुखता से ध्यान देना होगा।
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नया अध्याय लिख रहा भारत : क्रिस्टियानो
क्वालकॉम के अध्यक्ष एवं सीईओ क्रिस्टियानो अमोन का कहना है कि दुनियाभर के लीडर्स इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के लिए नई दिल्ली में जुट रहे हैं। मैं इसका हिस्सा बनकर उत्साहित हूं। एआई तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाना उन खास प्रमुखताओं में से एक है, जो इसकी वृद्धि का अगला अध्याय लिखेगा।
भारत में इस साल के समिट का एक और खास हिस्सा एआई को आर्थिक विकास एवं समाज की भलाई के लिए तैयार करना है। इसमें अर्थव्यवस्थाओं एवं समाज में उत्पादकता, नवाचार और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- डेविड जापोल्स्की, अमेजन के चीफ ग्लोबल अफेयर्स एवं लीगल ऑफिसर
एआई पर फोकस एक मिसाल: वर्टिव सीईओ
वर्टिव के सीईओ गियोर्डानो अल्बर्टाजी का कहना है कि भारत का एआई को अपनाना और नवाचार पर उसका फोकस एक मिसाल है। इसलिए, हम भारत में अपने मजबूत इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग निवेश को दोगुना कर रहे हैं। मैं एआई की अगली लहर को समर्थन देने वाले इन्फ्रा, ऊर्जा दक्षता और वृद्धि तंत्र पर चर्चा करने के लिए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने का इंतजार कर रहा हूं।