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G20: COP28 के मनोनीत अध्यक्ष जबर का दावा, जी-20 मंत्रिस्तरीय बैठक में ऊर्जा परिवर्तन पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं

Thu, 27 Jul 2023 10:16 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

पिछले सप्ताह ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग तिगुना कर उसे 2030 तक 11 गीगावाट तक पहुंचाने, जीवाश्म ईंधनों के अंधाधुध इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से घटाने और इस परिवर्तन के लिए वित्त प्रबंधन के विषयों पर बीते शनिवार को सहमति नहीं बन पाई।
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जी-20 (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन कार्यकारी सचिव सिमोन स्टील और सीओपी-28 के मनोनीत अध्यक्ष सुल्तान अल जबर ने गुरुवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि गोवा में जी-20 ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने एवं जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल चरणबद्ध तरीके से घटाने का पर्याप्त स्पष्ट संकेत नहीं दे पाई।

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पिछले सप्ताह ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग तिगुना कर उसे 2030 तक 11 गीगावाट तक पहुंचाने, जीवाश्म ईंधनों के अंधाधुध इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से घटाने और इस परिवर्तन के लिए वित्त प्रबंधन के विषयों पर बीते शनिवार को सहमति नहीं बन पाई। जी-20 दुनिया के 85 प्रतिशत सकल घरेलु उत्पाद (जीडीपी) की हिस्सेदारी रखता है और इसके सदस्य देश 80 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं।

संयुक्त बयान में स्टील और जबर के हवाले से कहा गया है कि इस साल पहले से कहीं अधिक एकता सफलता की पूर्व शर्त है। वैश्विक रूप से दुनिया ने सबसे अधिक गर्म ग्रीष्म ऋतु का अनुभव किया है, प्रति दिन जलवायु परिवर्तन लोगों को प्रभावित करता है खासकर ऐसे लोगों पर उसका अधिक असर है जिनपर उसका जोखिम अधिक है और वे (ऐसे लोग) हमसे निर्णायक कार्रवाई के लिए कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं।
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उन्होंने इस साल बाद में संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में सीओपी-28 में ठोस उपशमन नतीजे की जरूरत पर बल दिया ताकि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भारी कमी हो और संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन संधि में पिछले सम्मेलनों में हुई प्रगति से बात आगे बढ़े। उन्होंने जी-20 से एक ऐसे मजबूत एवं भरोसेमंद नतीजे के लिए विज्ञान एवं समानता के आधार पर आगे का मार्ग तलाशने का आह्वान किया जो विकासशील देशों को समुचित परिवर्तन के लिए सहयोग करे।


संयुक्त बयान में कहा गया कि दुनिया को सभी के लिए ऊर्जा पहुंच को सक्षम करते हुए, सतत विकास को बढ़ावा देने और उचित संक्रमण का समर्थन करते हुए एक जिम्मेदार तरीके से अनिवार्य डीकार्बोनाइजेशन में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा, वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करना और 2030 तक सभी क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता में सुधार की दर को दोगुना करना इसे सक्षम करने के लिए महत्वपूर्ण है। ऊर्जा दक्षता सुधार में विद्युतीकरण में तेजी लाना और शीतलन दृष्टिकोण को बढ़ाना शामिल है।

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