बोरवेल में गिरकर दो वर्षीय बच्चे सुजीत विल्सन की मौत पर मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने सरकार से कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सरकार और कितने बच्चों की मौत का इंतजार करेगी। क्या मौत के बाद ही सरकार चेतेगी?
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के एक गांव में खुले बोरवेल में गिरा सुजीत विल्सन को बचाया नहीं जा सका। तीन दिन तक 88 फीट नीचे फंसे सुजीत को सुरक्षित निकालने की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं। अस्सी घंटे की मशक्कत के बाद मंगलवार शाम चार बजे बच्चे का शव बोरवेल ने निकाला गया। बचाव दल को सोमवार रात साढ़े दस बजे दुर्गंध का अहसास होने पर डॉक्टरों और एनडीआरएफ को सूचित किया गया। हालात का आकलन करने के बाद डॉक्टरों ने सुजीत को मृत घोषित कर दिया था।
तमिलनाडु के तूतीकोरिन में एक दो साल की बच्ची की पानी के टब में डूबकर मौत हो गई। जिस समय यह हादसा हुआ, तब उसके माता पिता टीवी पर बोरवेल में गिरे सुजीत विल्सन का रेस्क्यू ऑपरेशन देख रहे थे। पुलिस ने बताया कि मंगलवार को थरसपुरम गांव में दो साल की रेवती संजना टब के पास खेल रही थी। वहीं उसके परिजन टीवी देख रहे थे। इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि बच्ची वहां नहीं है। उन्होंने पास जाकर देखा तो बच्ची टब में बेसुध पड़ी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।