महाराष्ट्र में एक महिला डॉक्टर की कथित आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों में से एक निलंबित पुलिस उप-निरीक्षक (पीएसआई) गोपाल बदाने का मोबाइल फोन उसके एक रिश्तेदार ने जांच अधिकारियों को सौंप दिया है। अब इस मोबाइल की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। 28 वर्षीय डॉक्टर 23 अक्तूबर की रात सतारा जिले के फलटण कस्बे के एक होटल के कमरे में फांसी पर लटकी मिली थीं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगाने के चलते दम घुटना बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, डॉक्टर ने अपनी हथेली पर लिखे नोट में आरोप लगाया था कि पीएसआई बदाने ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि एक अन्य आरोपी प्रशांत बांकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। यह मामला सतारा पुलिस द्वारा जांच के अधीन है। मंगलवार को पुलिस ने बताया था कि बदाने ने अपना मोबाइल कहीं छिपा दिया था और उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी। सतारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने बुधवार को कहा, बदाने के एक रिश्तेदार ने उसका मोबाइल पुलिस को सौंप दिया है। अब इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
पीड़िता के लिखावट की हो रही जांच
पीड़िता की हथेली पर लिखावट में कथित असंगतियों के सवाल पर दोशी ने कहा कि पीड़िता की लिखावट जांच का एक हिस्सा है और इसे विशेषज्ञों को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जब तक रिपोर्ट नहीं आती, उस पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अब तक की जांच में यह मामला आत्महत्या का ही प्रतीत होता है।
होटल मालिक ने बताई उस दिन सच्चाई
उन्होंने बताया, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के अनुसार, जिस कमरे में डॉक्टर ठहरी थीं, वहां कोई नहीं गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट किया गया है कि मौत फांसी के कारण हुई। वहीं फलटण के उस लॉज के मालिक ने कहा कि महिला डॉक्टर को कमरा सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही दिया गया था। होटल के सीसीटीवी फुटेज के अनुसार जब डॉक्टर कमरे में थीं, तब कोई भी व्यक्ति उनके कमरे में नहीं गया था।