सरकार के मुताबिक, एक जनवरी 2023 तक लगभग 159 लाख टन गेहूं और 104 लाख टन चावल उपलब्ध होगा, जबकि 138 लाख टन गेहूं और 76 लाख टन चावल के भंडार की जरूरत होगी। 15 दिसंबर तक केंद्रीय पूल में करीब 180 लाख टन गेहूं और 111 लाख टन चावल उपलब्ध है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत आवंटन के लिए देश के पास अनाज का पर्याप्त भंडार है। केंद्र का कहना है कि सरकार भी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की नियमित निगरानी कर रही है।
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सरकार ने शनिवार को एक बयान में कहा कि एनएफएसए और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत आवंटन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्रीय पूल के तहत पर्याप्त खाद्यान्न भंडार है।
सरकार के मुताबिक, एक जनवरी 2023 तक लगभग 159 लाख टन गेहूं और 104 लाख टन चावल उपलब्ध होगा, जबकि 138 लाख टन गेहूं और 76 लाख टन चावल के भंडार की जरूरत होगी। 15 दिसंबर तक केंद्रीय पूल में करीब 180 लाख टन गेहूं और 111 लाख टन चावल उपलब्ध है।
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बफर मानदंडों से ऊपर रहा अनाज का भंडार
सरकार के मुताबिक, एक अप्रैल, एक जुलाई, एक अक्टूबर और एक जनवरी को विशेष तारीखों के लिए बफर मानदंडों की आवश्यकता की परिकल्पना की गई थी। केंद्रीय पूल के तहत गेहूं और चावल का भंडार हमेशा बफर मानदंडों से ऊपर रहा है। बयान में कहा गया है कि एक अक्टूबर 2022 को केंद्रीय पूल में लगभग 227 लाख टन गेहूं और 205 लाख टन चावल था, जबकि इस विशेष तारीख तक 205 लाख टन गेहूं और 103 लाख टन चावल की आवश्यकता थी।
सरकार का कहना है कि किसानों के खुले बाजार में एमएसपी से अधिक कीमतों पर बेचने और कम उत्पादन के कारण पिछले सीजन में गेहूं की खरीद कम हुई थी, फिर भी गेहूं का पर्याप्त भंडार केंद्रीय पूल में उपलब्ध है।