सुधीर कुमार मक्कड़ उर्फ गोल्डन बाबा का दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया है। गंभीर बीमारी के चलते गोल्डन बाबा को 18 मई को एम्स में भर्ती कराया गया था। हालत ज्यादा बिगड़ने के बाद 30 जून की रात करीब दस बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
गोल्डन बाबा पंचदशनाम जूना अखाड़ा, बरेली के महंत थे। कांवड़ यात्रा के दौरान वो 20 किलो तक सोना पहनकर निकलने के कारण उनकी काफी चर्चा हुई थी। गोल्डन बाबा का अंतिम संस्कार पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी श्मशान घाट पर थोड़ी देर में किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर श्मशान घाट पर पहुंच गया है।
इस मौके पर उनके चाहने वाले कई लोग श्मशान घाट पर पहुंच गए हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार, वह पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर में रह रहे थे। गांधीनगर के अशोक गली में गोल्डन बाबा का आश्रम है। गोल्डन बाबा यूपी के गाजियाबाद जिले के मूल निवासी थे।
गोल्डन बाबा इंदिरापुरम जीसी ग्रैंड सोसाइटी में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि लंबे समय से उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। इसके चलते उनका इलाज चल रहा था। समस्या बढ़ने पर 18 मई को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। तभी से उनकी पत्नी दिल्ली स्थित उनके आवास में ही रह रही थीं।