रिपोर्ट के मुताबिक, ऋषि के ब्रिटेन में भारतीय मूल के पहले प्रधानमंत्री सुधा मूर्ति ने कहा, वह प्रधानमंत्री बने हैं। ठीक है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। वो हमारे लिए दामाद थे और दामाद रहेंगे।
दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति के दामाद मौजूदा ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं। लेकिन दोनों शायद ही कभी अपने दामाद ऋषि सुनक को लेकर चर्चा करते दिखाई देते हैं। इंफोसिस की स्थापना के चालीस बरस बीत जाने के मौके पर सुधा मूर्ति ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके दामाब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बन गए हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, ऋषि के ब्रिटेन में भारतीय मूल के पहले प्रधानमंत्री सुधा मूर्ति ने कहा, वह प्रधानमंत्री बने हैं। ठीक है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। वो हमारे लिए दामाद थे और दामाद रहेंगे। सुनक ने इसी साल 25 अक्तूबर को ब्रिटेन के शीर्ष पद की कमान संभाली है।
सुनक और अक्षता मूर्ति की मुलाकात स्टैनफोर्ड में हुई थी। इसके बाद 2009 में शादी हुई और दो बेटियां हुईं। सुनक के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने पर नारायण मूर्ति ने एक बयान में कहा था, ऋषि को बधाई। हमें उन पर गर्व है। हम उनकी सफलता की कामना करते हैं। हमें भरोसा है कि वह ब्रिटेन के लोगों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।
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सुधा मूर्ति से जब सवाल किया गया कि क्या उनकी ऋषि सुनक से राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होती है तो उन्होंने कहा, नहीं..कभी नहीं। वह हमेशा हमारे दामाद थे। मैं उन्हें शुभकामनाएं दूंगी। उनसे जब यह भी पूछा गया क्या वह अपने दामाद की तरक्की के बारे में खबरें फॉलो करती हैं? तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, मैं अपने देश की चीजों को देखती हूं और वो अपनी चीजों को देखते हैं।
उन्होंने इंफोसिस के विकास की यात्रा को लेकर बताया कि कैसे उनके पति नारायण मूर्ति ने उनसे दस हजार रुपये लेकर कंपनी शुरु की थी। बाद में यह दुनिया के अग्रणी आईटी कंपनियों में शामिल हुई। सुधा कहती हैं, मैं बेहद खुश हूं और अच्छा महसूस कर रही हूं, क्योंकि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि दस हजार रुपये बाद में अरबों डॉलर बन जाएंगे।