आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स पर लगाए गए दो साल के प्रतिबंध को चुनौती देने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी शुक्रवार को अपनी याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे। मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली न्यायपीठ के समक्ष स्वामी ने कहा कि मामले 26 जुलाई को सूचीबद्ध था। न्यायपीठ में जस्टिस ए एम खानविलकर और डी वाई चंद्रचूड़ भी शामिल थे जिन्होंने स्वामी को अगले हफ्ते मामला उठाने को कहा उसके बाद इसे सूचीबद्ध किया जाएगा।
इससे पहले स्वामी ने अपनी दलील में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (कैब) की दाखिल याचिका पर सीबीआई जांच कराने को कहा था। स्वामी का आरोप है कि पहले उनकी दलील को मद्रास उच्च न्यायालय ने गलत खारिज कर दिया था। उच्च न्यायालय ने 20 जनवरी को सीएसके और राजस्थान रॉयल्स के निलंबन की चुनौती देने वाली स्वामी की जनहित याचिका को खारिज कर दिया था।
पिछले साल 14 जुलाई को 2013 स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल से दो साल के लिए निलंबित कर दिया था।
इसके अलावा बीसीसीआई के पूर्व प्रमुख एन श्रीनिवासन के दामाद और सीएसके के पूर्व टीम प्रिंसिपल गुरुनाथ मैय्यपन और राजस्थान रॉयल्स के सह-मालिक राज कुंद्रा पर बीसीसीआई के किसी मैच के लिए आजीवन निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में सजा तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी।