देश की शीर्ष नौकरशाही पर हमला करने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नसीहत झेलने के बाद गीता के शरण में जाने वाले भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने महज 24 घंटे बाद ही अपनी चुप्पी तोड़ दी। प्रधानमंत्री की पब्लिसिटी के पीछे न भागने की नसीहत का जवाब देते हुए स्वामी ने यह बताने की कोशिश की है कि वह पब्लिसिटी के पीछे नहीं बल्कि पब्लिसिटी उनके पीछे भागती है।
बुधवार को स्वामी ने ट्वीट किया, 'नई समस्या: जब पब्लिसिटी को किसी राजनेता की जरूरत होती है। 30 ओबी वैन घर के बाहर हैं। चैनलों और मीडिया हाउस के 200 से अधिक मिस्ड कॉल और फोटोग्राफर।'
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन पर हमले की आलोचना की थी। उन्होंने स्वामी का नाम लिए बिना उन्हें प्रचार की भूख से बचने की नसीहत दी थी।