मरीज को जितना अनुभवी सर्जन मिलेगा उसके लिए उतना ही बेहतर होगा। यह नतीजा यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की एक स्टडी से निकला है। यूनिवर्सिटी ने 9 लाख मरीजों और 46 हजार सर्जन पर 3 साल तक अध्ययन किया है। इस स्टडी का मकसद यह पता लगाना था कि क्या सर्जन की उम्र और लिंग का सर्जरी के नतीजे पर कोई असर पड़ता है या नहीं। इसका नतीजा यह निकला कि यदि 60 साल से ज्यादा उम्र के सर्जन ऑपरेशन करेंगे तो सर्जरी के सफल होने की उम्मीद सबसे ज्यादा रहती है। इस स्थिति में मृत्यु दर 6.3 प्रतिशत रह जाती है।
स्टडी से पता चला है कि यदि सर्जन की उम्र 40 साल से कम होती है तो मृत्यु दर 6.6 प्रतिशत रहता है। 40-50 साल के बीच की उम्र होने पर मृत्यु दर 6.5 प्रतिशत रहती है और 50-60 साल उम्र वाले सर्जन के मामले में मृत्यु दर 6.4 प्रतिशत रहती है। यदि सर्जन की उम्र 70 साल या उससे ज्यादा होगी तो मृत्यु दर 5 प्रतिशत तक आ जाती है। हालांकि रिपोर्ट में यह साफ कहा गया है कि बहुत ही कम सर्जन इस उम्र तक फिट रहते हैं। सर्जन के महिला या पुरुष होने का कोई नतीजा मृत्यु दर के प्रतिशत पर नहीं पड़ता है। स्टडी के अनुसार- महिला और पुरुष दोनों की सफलता दर बराबर रही है।
इस स्टडी में इमरजेंसी सर्जरी को ही शामिल किया गया था। स्टडी में यूनिवर्सिटी ने कई ऐसी सर्जरी का अध्ययन किया जो 30 दिनों तक चली थीं। इस स्टडी को नेतृत्व करने वाले डॉक्टर युसुके सुगावा ने कहा- इन नतीजों का सीधा संबंध ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस से है। दबाव की स्थिति में अनुभवी डॉक्टर बहुत कम विचलित होते हैं। उनमें तुरंत फैसले लेने की क्षमता होती है। सर्जरी पर इन्हीं बातों का असर पड़ता है।