ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी मेलबर्न के वैज्ञानिकों के इस इस अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य यह था कि दुनिया के 11,534 शहरी क्षेत्रों में 2000 से 2019 के बीच हरियाली में संभावित वृद्धि के आधार पर गर्मी से जुड़ी मृत्यु दर में संभावित कमी का अनुमान लगाया जा सके। इसके लिए शोधकर्ताओं ने 53 देशों के 830 स्थानों से जुटाए गए मौसम और मृत्यु दर से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण किया।
दुनियाभर के शहरों में अगर हरियाली को 30 फीसदी तक बढ़ा दिया गया होता तो गर्मी से जुड़ी लगभग 11.6 लाख मौतों को रोका जा सकता था। यह खुलासा एक अध्ययन में सामने आया है।
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ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी मेलबर्न के वैज्ञानिकों के इस इस अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य यह था कि दुनिया के 11,534 शहरी क्षेत्रों में 2000 से 2019 के बीच हरियाली में संभावित वृद्धि के आधार पर गर्मी से जुड़ी मृत्यु दर में संभावित कमी का अनुमान लगाया जा सके। इसके लिए शोधकर्ताओं ने 53 देशों के 830 स्थानों से जुटाए गए मौसम और मृत्यु दर से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण किया।
यह शोध ‘द लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ’ नामक अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुआ है। यह इस विषय में पहला अध्ययन है जो हरियाली द्वारा तापमान और सेहत पर होने वाले दोहरे प्रभाव, शीतलन और अन्य स्वास्थ्य लाभ को एक साथ मापता है।
हरियाली रोकेगी मृत्यु दर
शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि भविष्य में यदि शहरी हरियाली का पर्याप्त विकास नहीं हुआ तो गर्मी के कारण होने वाली मृत्यु दर की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उदाहरण के लिए 2090-99 के दौरान दक्षिण पूर्व एशिया में हीट-रिलेटेड मृत्यु दर 16.7 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है।