Rahul Gandhi On PM Modi: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एमडीएमके महासचिव वाइको के संसदीय भाषणों के संकलन के विमोचन कार्यक्रम में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों की समस्याओं, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और संविधान में राज्यों की भूमिका का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर क्या आरोप लगाए? उन्होंने आरएसएस की सोच पर क्या कहा? राज्यों के अधिकारों को लेकर कौन-सी बड़ी बात कही? आइए, सबकुछ विस्तार से समझते हैं...
देश में छात्रों के मुद्दे, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी बहस तेज है। इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के छात्र दर्द में हैं, उन्हें माफी की नहीं बल्कि रोजगार, निष्पक्ष परीक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार गंभीर नहीं दिख रही है।
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राहुल गांधी ने कहा कि छात्र रोजगार मांग रहे हैं, निष्पक्ष परीक्षाएं चाहते हैं और ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जो सही तरीके से काम करे। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री छात्रों को 'माफ' करने की बात करते हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री को देश के युवाओं के भविष्य को माफ करने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि ऐसा अधिकार उन्हें कहां से मिला।
क्या बोले राहुल गांधी, छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर?
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा भारी पीड़ा में हैं। वे नौकरी की मांग कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता चाहते हैं। उनका कहना था कि युवाओं की आवाज सुनने के बजाय सरकार अलग दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों, खासकर आरएसएस की सोच के पीछे एक खतरनाक विचार है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सोच भारत को उसकी विविधता के रूप में नहीं देखती। राहुल गांधी ने कहा कि भारत अनेक परंपराओं, भाषाओं और संस्कृतियों का देश है और इसी विविधता का सम्मान होना चाहिए।
संविधान में राज्यों की भूमिका को लेकर क्या कहा?
राहुल गांधी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि उसमें साफ लिखा है कि 'इंडिया, दैट इज भारत, राज्यों का संघ है।' उन्होंने कहा कि हर राज्य अपने लोगों के इतिहास, भाषा, संस्कृति, दुख-सुख और परंपराओं की अभिव्यक्ति है। तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसी राज्य का नाम केवल शब्द नहीं होता, बल्कि उसके पीछे वहां के लोगों का पूरा इतिहास और पहचान जुड़ी होती है।
हर राज्य के साथ समान व्यवहार की क्यों उठाई मांग?
राहुल गांधी ने कहा कि संविधान हर राज्य को अपनी पहचान और अभिव्यक्ति का अधिकार देता है। इसलिए सभी राज्यों के साथ समान और निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और संघीय व्यवस्था में है। ऐसे में हर राज्य के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के अनुरूप है।