सोने की तस्करी के साथ आतंकी फंडिंग भी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 3 फरवरी, 2018 को
मुजफ्फरनगर के 34 वर्षीय दिनेश गर्ग और 54 वर्षीय आदेश कुमार जैन को लश्कर के आतंकी अब्दुल नईम शेख को हवाला के जरिए साढ़े तीन लाख रुपये देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि सोने की तस्करी के साथ हवाला से जुड़े ये कारोबारी सऊदी अरब और यूएई से आतंकी फंडिंग के लिए प्राप्त रकम को आतंकियों तक पहुंचाते थे। उनके पास से लगभग 50 लाख रुपये और सऊदी अरब, यूएई, अमेरिका, जापान, कतर, कुवैत, थाइलैंड और ओमान की करेंसी के अलावा पिस्टल, गोली एवं कई दस्तावेज बरामद किए गए थे।
वाराणसी में पकड़ा गया था शेख
अब्दुल नईम शेख उर्फ सोहेल खान को यूपी एटीएस ने वाराणसी से नवंबर, 2017 में गिरफ्तार किया था। 26/11 के आरोपी अबु जुंदाल का साथी और महाराष्ट्र के औरंगाबाद का मूल निवासी शेख 2014 से फरार था।
मुजफ्फरनगर से पकड़ा बांग्लादेशी आतंकी
यूपी एटीएस ने अगस्त, 2017 में अंसारूल बांग्ला टीम (एबीटी) आतंकी संगठन के अब्दुल्ला अल मैमन को मुजफ्फरनगर से कुटेसरा से गिरफ्तार किया था। उसने स्वीकार किया कि वह एबीटी के सदस्यों को यहां बसने में मदद करता है। उसके पास से फर्जी आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज बरामद किए गए थे। उसकी निशानदेही पर सितंबर में तीन और युवाओं को गिरफ्तार किया गया। ये तीनो दारूल उलूम देवबंद से
संदिग्ध परिस्थितियों में फरार हो गए थे।
संभल बना अलकायदा का गढ़
दिल्ली पुलिस ने जून, 2016 में कोर्ट में दायर चार्जशीट में पश्चिमी यूपी के संभल जिले को अलकायदा इन इंडियन सब कांटीनेंट (एक्यूआईएस) का गढ़ करार दिया था। 17 आरोपियों के खिलाफ दायर इस चार्जशीट के अनुसार ये लोग संभल को एक्यूआईएस का अड्डा बनाने की साजिश में शामिल थे। इन 17 लोगों में छह संभल के ही थे। जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि चार फरार थे। उनमें मौलाना आसिम उमर भी शामिल है जो इस आतंकी गिरोह का सरगना है और फिलहाल पाकिस्तान में है और वहां रहकर युवाओं को आतंकवाद के लिए उकसाने और उन्हें
पाकिस्तान में ट्रेनिंग दिलाने के काम में जुटा है।