कोरोना वायरस समेत महामारी फैलाने वाले वायरस जिस तरह से जंगली जीव-जंतुओं से इंसानों में आते हैं उससे इस परिकल्पना में कोई शक नहीं रह जाता है कि हम अपने इको सिस्टम को मजबूत कर महामारी से बच सकते हैं। डब्ल्यूएचओ को अपनी वन हेल्थ संकल्पना में जैव विविधिता पार्क के मॉडल को जोड़ना आवश्यक है। दिल्ली का बायोडायवर्सिटी पार्क क्रियाशील इको सिस्टम का बेहतरीन नमूना भी साबित हुआ है।
-प्रो. सीआर बाबू, पर्यावरणविद् और पूर्व प्रो-वीसी दिल्ली विश्वविद्यालय
एक क्रियाशील इको सिस्टम के जटिल खाद्य जाल (फूड वेब) में रोगजनक वायरस को खत्म करने में स्तनधारी वन्य जीवों की भूमिका अहम होती है। इनका संरक्षण स्वस्थ और मजबूत जैव विविधता वाले क्षेत्रों में ही संभव है।
-डॉ. फैयाज खुदसर, वन्यजीव विशेषज्ञ
- जैव विविधता व सार्वजनिक स्वास्थ्य पर वेबीनार का आयोजन
इको क्लब, शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय व सोसाइटी फॉर इकोलॉजिकल रिसर्च एंड नेचुरल रिसोर्सेज मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वावधान में जैव विविधता और सार्वजनिक स्वास्थ्य विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। इसमें प्रो. सीआर बाबू ने दोनों के बीच के संबंधों पर विस्तार से चर्चा की।