पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने बुधवार को कहा कि हिंसा राज्य में राजनीति को प्रभावित कर रही है, उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले के जॉयनगर में एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता की पीट-पीट कर हत्या करने में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। राज्यपाल ने कहा कि बंगाल में हिंसा की संस्कृति बंद होनी चाहिए बाकी कानून अपना काम करेगा।
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और राजभवन भी अपना कर्तव्य निभाएगा। हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए न केवल कानूनी कार्रवाई बल्कि सामाजिक उपायों की भी जरूरत है। हिंसा बंगाल की राजनीति को प्रभावित कर रही है। हिंसा की यह संस्कृति बंद होनी चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल में आगजनी, लूटपाट और हत्याएं प्रचलित हैं और कहा कि हिंसा की मौजूदा संस्कृति को खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्या था मामला
पुलिस ने कहा कि जॉयनगर में बामुंगाची के टीएमसी क्षेत्र अध्यक्ष सैफुद्दीन लस्कर की सोमवार सुबह उनके आवास के पास कुछ बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके बाद लोगों के एक समूह ने एक कथित हमलावर को पीट-पीट कर मार डाला।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लस्कर के समर्थकों, जिनकी पत्नी पंचायत प्रधान हैं, ने कथित हमलावरों में से एक को पकड़ लिया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
कांग्रेस सांसद ने टीएमसी पर लगाया गंभीर आरोप
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष अधीर चौधरी ने आरोप लगाया कि जॉयनगर में टीएमसी के स्थानीय नेता की हत्या सत्तारूढ़ पार्टी की अंदरूनी लड़ाई का नतीजा है और स्थानीय पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल धीरे-धीरे देश में अराजकता के राज्य का दर्जा हासिल कर रहा है। 'यह और कुछ नहीं बल्कि टीएमसी की अंदरूनी कलह का परिणाम है। अब, वे (टीएमसी) इसे दबाने की कोशिश कर रहे हैं और दूसरों पर दोष मढ़ रहे हैं।
सांसद ने आगे कहा कि पुलिस भी इसे कवर करने की कोशिश कर रही है। यह काफी चौंकाने वाली बात है कि हत्या के तीन दिन बाद , पुलिस अपराधी को ढूंढने में असमर्थ रही। देश में, पश्चिम बंगाल धीरे-धीरे अराजकता के राज्य का दर्जा प्राप्त कर रहा है।