उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, बुलंदशहर, संभल और अलीगढ़ जैसे जिलों में बिना उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) और केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण की अनुमति के चल रहे बूचडख़ानों पर एनजीटी का सख्त रवैया कायम है। वहीं संबंधित जिलाधिकारियों और प्राधिकरणों ने भी एनजीटी को अवैध बूचडख़ानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और संचालन की अनुमति न देने के संबंध में शपथपत्र दाखिल किया है।
याची की अपील और एनजीटी के आदेश संबंधित प्राधिकरणों ने एनजीटी में अवैध बूचडख़ानों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शपथपत्र दाखिल कर दिया है। प्राधिकरणों ने कहा है कि वे बिना अनुमति चलने वाले बूचडख़ानों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही प्रदूषण को कम करने के लिए भी उपाय किये जा रहे हैं।
जस्टिस यूडी साल्वी की अध्यक्षता वाली पीठ पर्यावरणविद शैलेष सिंह के मामले पर सुनवाई कर रही है। एनजीटी में यूपीपीसीबी और केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण ने शपथपत्र दाखिल कर कहा है कि जो भी पर्यावरणीय नुकसान इन अवैध बूचडख़ानों के जरिये हुआ है उसे कम करने की कोशिश की जा रही है।