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UP Board 10th Topper: चुनौतियों भरी है प्रियांशी की कहानी, पिता के निधन के बाद भाई ने संभाला; IAS बनना है सपना

Tue, 25 Apr 2023 05:56 PM IST
हिमांशु मिश्रा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

UP Board Class 10th Topper 2023 : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से मंगलवार, 25 अप्रैल को कक्षा 10वीं-12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी कर दिए गए हैं। 10वीं में सीतापुर की प्रियांशी ने टॉप किया। जब वह पांच साल की थी, तभी पिता दीप चंद्र सोनी का निधन हो गया था। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। इसके बाद बड़े भाई ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठाई।
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प्रियांशी सोनी - फोटो : Amar Ujala
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यूपी बोर्ड हाईस्कूल में सीतापुर स्थित बाल विद्या मंदिर इंटर कालेज की छात्रा प्रियांशी सोनी ने टॉप किया है। प्रियांशी ने 600 में 590 अंक हासिल किए हैं। प्रियांशी की कहानी काफी चुनौतियों से भरी है। काफी मुश्किलों के बावजूद प्रियांशी ने कभी हार नहीं मानी और अपने परिवार का नाम रोशन किया। 

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प्रियांशी जब पांच साल की थीं, तभी पिता दीप चंद्र सोनी का निधन हो गया था। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। इसके बाद बड़े भाई ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठाई। घर के साथ-साथ प्रियांशी को भी संभाला और इस लायक बनाया कि आज प्रियांशी ने पूरे यूपी में टॉप करके परिवार का नाम रोशन कर दिया। आइए जानते हैं प्रियांशी की कहानी... 

पिता का बीमारी से निधन हुआ
प्रियांशी से अमर उजाला डॉट कॉम ने बात की। उन्होंने बताया कि काफी कम उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था। प्रियांशी ने बताया कि पापा हमेशा मुझे आगे बढ़ने के लिए कहा करते थे। वह कहते थे कि तुम्हें जो बनना होगा, वही बनना। घर का कभी दबाव नहीं रहेगा। तुम घर की लक्ष्मी ही नहीं, सरस्वती भी हो।

मां ने कभी पढ़ाई से नहीं रोका
प्रियांशी की मां आशा सोनी गृहणी हैं। प्रियांशी कहती हैं कि मम्मी ने भी मेरा बहुत साथ दिया। आमतौर पर छोटे जिलों की लड़कियों को पढ़ाई से रोका जाता है। उन्हें घर का कामकाज करने के लिए बोला जाता था, लेकिन मेरी मम्मी हमेशा कहती हैं कि तुम केवल पढ़ाई करो। घर का कामकाज हम संभाल लेंगे।

भाई ने पिता की जिम्मेदारी भी संभाली
आज जब प्रियांशी ने यूपी टॉप कर लिया है तो वह पिता को याद कर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पापा नहीं रहे, लेकिन भइया और मम्मी ने कभी उनकी कमी महसूस नहीं होने दी। भइया शोभित सोनी ने घर के साथ-साथ मेरी भी जिम्मेदारी संभाली। वह मोबाइल की दुकान चलाते हैं। भइया हमेशा मुझसे बोलते हैं कि तुम्हें जितना पढ़ना है पढ़ो। जहां पढ़ना है पढ़ो। हम तुम्हें हमेशा सपोर्ट करेंगे।
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मैं आईएएस बनूंगी, लोगों की सेवा करूंगी
प्रियांशी के माता-पिता ने ज्यादा पढ़ाई नहीं की थी। प्रियांशी कहती हैं कि मैं बड़ी होकर आईएएस अफसर बनूंगी। लोगों की सेवा करना मेरा लक्ष्य है। प्रियांशी के अनुसार, आज भी ग्रामीण इलाकों में लोग परेशान रहते हैं। उनतक पहुंचना मेरी जिम्मेदारी होगी।
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