बिजली आज जीवन का एक अनिवार्य अंग बन चुकी है। जहां, बिना बिजली जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल सा लगता है, वहीं एक महिला ऐसी हैं जिसने अपना पूरा जीवन बिना बिजली के गुजारा और आगे भी वह ऐसे ही रहना चाहती हैं। हम बात कर रहे हैं पुणे की डॉ. हेमा साने की। 79 वर्षीय डॉ. हेमा को प्रकृति और पर्यावरण से इस कदर प्रेम है कि जिस घर में वह रहती हैं उसमें आज तक उन्होंने बिजली का कनेक्शन नहीं लिया है।
'मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी बिजली की जरूरत महसूस नहीं की। लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि मैं बिना बिजली के कैसे जी लेती हूं, तो मैं उनसे पूछती हैं आप बिजली के साथ कैसे जीते हैं।'
डॉ. हेमा कहती हैं कि जीवन की बुनियादी जरूरतें रोटी, कपड़ा और मकान हैं न कि बिजली। आज से पहले एक समय था जब बिजली थी ही नहीं... तब भी तो जीवन चल रहा था। मैं सारे काम बिना बिजली के कर लेती हूं। अपनी संपत्ति के बारे में डॉ. हेमा कहती हैं कि यह संपत्ति उनके कुत्ते, दो बिल्लियों, नेवले और बहुत सारे पक्षियों की है। डॉ. हेमा कहती हैं कि यह संपत्ति उनकी है, मेरी नहीं। मैं तो यहां सिर्फ उनकी देखभाल करने के लिए हूं।
'मैं किसी को कोई संदेश या सबक नहीं देती, बल्कि मैं बुद्ध की बात दोहराती हूं कि हमें अपने जीवन में अपना रास्ता खुद ही खोजना है।'