सभी देशों ने कोरोना को हराने के लिए अपनी कमर कस ली है। कई देशों में इस महामारी को खत्म करने के लिए अलग-अलग शोध किए जा रहे हैं तो कई जगह इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है कि कोरोना और किन-किन माध्यम से फैल सकता है? वहीं अमेरिकी नेत्रविज्ञान अकादमी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अकादमी के जानकारों ने कॉन्टेक्ट लेंस पहनने पर आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि चश्मे की तुलना में कॉन्टेक्ट लेंस के जरिए वायरस ज्यादा तेजी से फैल सकता है।
अगर आप अपनी आंखों को कॉन्टेक्ट लेंस से महफूज रखते हैं तो इसे आज ही बदल दें। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि अब लेंस की जगह चश्मे से दुनिया को देखा जाए। अमेरिकी नेत्रविज्ञान अकादमी के मुताबिक चश्मा पहनने से चेहरे को छूने की प्रवृत्ति कम हो जाती है। जबकि कॉन्टेक्ट लेंस के इस्तेमाल से आंख और चेहरे की ज्यादा छूने की संभावना बढ़ जाती है। कॉन्टेक्ट लेंस लगाने वाला व्यक्ति दिन में कम से कम दो बार लेंस को बदलता है।
वायरस को फैलने से रोकने के लिए चश्मा, लेंस की तुलना में ज्यादा असरदार रहेगा। हालांकि ऐसा कम देखा गया है कि मुंह और नाक की तुलना में आंख से इंफेक्शन फैला हो। ऐसा जरूरी नहीं है कि केवल आंख से ही कोरोना या कोई वायरस फैल जाए।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना वायरस की वजह से नेत्र शोथ (कंजंक्टिवाइटिस) भी हो सकता है। बोलचाल की भाषा में नेत्र शोथ (कंजंक्टिवाइटिस) को लाल आंख (pink eye) के नाम से भी जाना जाता है। आंख के ऊतक की पतली और पारदर्शी परत में सूजन को नेत्र शोथ कहा जाता है। ये आमतौर पर एक आंख से शुरू होता है और कुछ ही घंटों में दूसरी आंख में फैल जाता है।
कंजक्टिवा में वायरस आने की ज्यादा संभावनाएं रहती है। शरीर में कई ऐसे जीव होते हैं जो आसानी से कंजक्टिवा (conjuctiva) पर चिपक जाते हैं, जिससे वो जीव आपके कॉन्टेक्ट लेंस पर भी चिपक सकते हैं और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
नेत्र शोथ (कंजंक्टिवाइटिस) के लक्षण
- आंसू आना
- खुजली या जलन
- आंख के सफेद वाले हिस्से का लाल या गुलाबी होना
- आंख के आस-पास कफ जम जाना
- आंख में से पीला सा पदार्थ निकलना
चीन से कई ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं जो एक दिलचस्प जानकारी सामने रखती हैं। रिपोर्ट्स की माने तो चीन में मरने वाले लोगों में कोरोना वायरस के साथ साथ नेत्र शोथ (कंजंक्टिवाइटिस) के लक्षण भी देखने को मिले थे। जानकार बताते हैं कि किसी संक्रमित व्यक्ति की आंख के तरल पदार्थ को छूने से भी कोरोना वायरस फैलने का डर बना हुआ है।
कोरोना से डरें नहीं, सामना करें
ऐसा नहीं है कि अगर किसी व्यक्ति की आंख लाल या गुलाबी है तो वह कोरोना से संक्रमित है। अगर खांसी, जुकाम और हल्का बुखार के लक्षण दिखें तो स्थानीय डॉक्टर को जरूर दिखाएं। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें और लोगों से एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। अपनी साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें, हाथों को लगातार धोते रहें और आंख, नाक और मुंह पर ज्यादा हाथ ना लगाएं।