आर अशोक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
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कर्नाटक के कुछ हिस्सों में किसानों के एक वर्ग द्वारा उनकी जमीन वक्फ संपत्ति के रूप में चिह्नित किए जाने को लेकर बवाल बढ़ गया है। इसके विरोध में भाजपा लगातार विरोध कर रही है। इसी क्रम में, कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने सोमवार को आरोप लगाया कि वक्फ अधिनियम में संशोधन की संभावना को लेकर वक्फ बोर्ड द्वारा दावा की गई भूमि को पंजीकृत करने की जल्दबाजी की जा रही है।
'वक्फ बोर्ड के सभी भूमि पंजीकरण तुरंत रोक दिए जाएं'
भाजपा नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वक्फ (संशोधन) विधेयक की संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने आग्रह किया कि राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया जाए कि समिति की प्रक्रियाओं के पूरा होने तक वक्फ बोर्ड के सभी भूमि पंजीकरण तुरंत रोक दिए जाएं।
उन्होंने कहा, 'समाधान करने की कोशिश के तहत राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड ने कथित तौर पर राजस्व रिकॉर्ड में फेरबदल करना शुरू कर दिया है। किसानों की जमीन को वक्फ को सौंप दिया है। वक्फ बोर्ड द्वारा अनुचित दावों को सही ठहराने के लिए भूमि के पंजीकृत करने से हजारों किसान अपने न्यायपूर्ण और पैतृक संपत्ति अधिकारों से वंचित हो जाएंगे।'
सैकड़ों किसानों को नोटिस भेजा गया: अशोक
भाजपा नेता के अनुसार, यह मुद्दा तब सामने आया जब विजयपुरा जिले में लगभग 15,000 एकड़ भूमि पर दावों के संबंध में सैकड़ों किसानों को नोटिस भेजा गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड कर्नाटक के प्रत्येक जिले में लगभग 10,000 एकड़ जमीन पर गुप्त तरीके से दावा कर रहा है। इसके अलावा, वक्फ बोर्ड मंदिरों, मठों और अन्य धार्मिक संगठनों से संबंधित भूमि पर भी दावा कर रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वक्फ हिंदू समुदायों से जुड़े कब्रिस्तानों को भी अपनी संपत्ति बता रहा है।
लोगों में असुरक्षा और दहशत
उन्होंने आगे कहा कि वक्फ बोर्ड द्वारा दावा की गई संपत्तियों को पंजीकृत करने के इन जल्दबाजी भरे प्रयासों से लोगों में असुरक्षा और दहशत पैदा हो गई है और हावेरी जिले में हिंसा भड़क गई है। वहीं भाजपा नेता ने केंद्रीय मंत्री से कर्नाटक के मुख्य सचिव को वक्फ बोर्ड के सभी भूमि पंजीकरण को तुरंत रोकने का निर्देश देने का आग्रह किया।